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यूक्रेन सङ्कट — ७

यूक्रेन सङ्कट — ७ अमरीकी सरकार की संस्था ‘National Institute on Drug Abuse’ की यह रिपोर्ट ( https://nida.nih.gov/international/abstracts/problem-substance-abuse-in-ukraine१९९० ) १९९० ई⋅ से २००६ ई⋅ तक के यूक्रेन पर है जो कुछ पुरानी हो  चुकी है किन्तु रिपोर्ट में जिन प्रवृतियों का उल्लेख है वे अब अत्यधिक बढ़ चुकी हैं (गूगल अनुवाद प्रस्तुत है ) — ═══════════════════════ “जबकि अधिकांश देशों में नशीली दवाओं की खपत एक व्यक्तिगत मामला है, यूक्रेन में इसका एक समूह चरित्र है। अफीम का अर्क (poppy straw extract) पसंद का मुख्य ड्रग बना हुआ है। मारिजुआना युवा लोगों के बीच लोकप्रियता में बढ़ रहा है और सिन्थेटिक दवाओं का उपयोग बढ़ती आवृत्ति के साथ दिखाई दे रहा है। औसत यूक्रेनी नागरिक के लिए कोकीन और हेरोइन जैसी कठोर दवाएं बहुत मँहगी हैं, इसलिए उनके दुरुपयोग के स्तर अभी भी महत्वपूर्ण नहीं हैं। 1990 के दशक की शुरुआत से नशीली दवाओं पर निर्भर लोगों की संख्या में सालाना 10-12 प्रतिशत की वृद्धि हुई, उनमें से 27 प्रतिशत वयस्क हैं, 60 प्रतिशत किशोर हैं और 13 प्रतिशत बच्चे हैं, जिनकी आयु 11 से 14 वर्ष है। ...

भारतीय मिडिया से बेहतर सवाल तो पाकिस्तानी मिडिया उठा रहा है.

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भारतीय मिडिया से बेहतर सवाल तो पाकिस्तानी मिडिया उठा रहा है. https://youtu.be/zD5Fr3F3nP8 अभी कुछ ही दिनों पहले की तो बात है ! अपने पड़ोसी मुल्क की जश्ने आजादी का दिन था! लाहौर से आयी एक विडियो क्लिप पूरी दुनियाँ के मीडिया हाउसेज में तैर रही थी! नहीं कोई बहुत बड़ी बात नहीं थी! बस यही कोई सौ दो सौ अशरफ-उल- मख्लूक लोग एक अकेली लाचार लड़की को अपने हाथों से फुटबॉल की तरह हवा में उछाल रहे थे! जगह जगह से उसके कपड़े फाड़े जा रहे थे! जिसने जहाँ पाया उसके उसी अंग को बेरहमी से मसला !  वो रो रही थी ,चिल्ला रही थी ,चीख रही थी! खुदा का वास्ता देकर लोगो से मिन्नतें भी कर रही थी! मगर किसी को उस पर रहम नहीं आया! ये तो शुक्र रहा कि बात मिडिया तक पहुँच गयी और समय पर पुलिस ने आकर उसे बचा लिया! बताते चले कि  वो लड़की उनके अपने ही समूह की थी!  आखिर यह कैसी इंसानियत है भाई? इसे ही अगर तहजीब कहते हैं तो .............यह बहुत दुखद है! वहीं एक दुसरी घटना भारत में घटित होती है!  बिल्कुल हिन्दी फ़िल्मों की तरह बकायदा एक लिखी लिखाई स्क्रिप्ट पर केवल ऐक्टिंग करना था!  नायिका अकेल...

Illegal towers

https://youtu.be/-ayMS2S5DsY One of the cause of disease

समाधि, पुरुष और ब्रह्मचर्य

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चित्त की सम अवस्था को समाधि कहते हैं । समाधि से भिन्न अवस्था को मानसिक व्याधि कहते हैं । धारणा-ध्यान-समाधि में असमर्थ चञ्चल मन इतस्ततः विचरण करे तो विचार कहलाता है । विचार जब व्यवहार में उतरे तो आचार कहलाता है । पातञ्जल योग-सूत्र के अनुसार असम्प्रज्ञात समाधि से भिन्न अवस्था को "व्युत्थान" कहते हैं ('आत्मतत्व से योग की विपरीत दिशा में चित्त का उत्थान')। वास्तविक समाधि तो "असम्प्रज्ञात समाधि" है जिसमे चिन्तन भी संभव नहीं रहता, मन पूरा शांत और निष्क्रिय रहता है । लेकिन समाधि तो लग जाय और चित्त में प्रज्ञा कार्य करती रहे, तो उसे सम्प्रज्ञात समाधि (याज्ञवल्क्य की भाषा में "अमौन") कहते हैं । किन्तु सांसारिक व्यवहार में इन दोनों अवस्थाओं से बाहर निकलना पड़ता है । बड़े-बड़े ऋषि-महर्षि भी समाधि में नित्य-कर्म नहीं कर सकते थे । तो क्या इसका यह अर्थ निकाला जाय कि नित्य-कर्म नहीं करना चाहिए ? कंप्यूटर आदि का प्रयोग यदि इन्द्रियोँ की तुष्टि के लिए किया जाय तो वह व्याधि है, वही कार्य यदि कर्तव्य और धर्म के उद्देश्य से किया जाय तो समाधि न रहते हुए भी योग...

हिजाब बनाम टोपा

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हिजाब बनाम टोपा  मोहनजोडड़ो सभ्यता के बारे मे इतिहास की पुस्तको मे पढ़ने वाले बच्चे व उन बच्चो को पढ़ाने से जुड़े लोग नही जानते हैं की ये सभ्यता जो वास्तविक वैदिक सभ्यता थी, मे महिलाओं - पुरूषो समेत समाज के सभी वर्ग के लोगो का सर ढंका होना उस वैदिक सभ्यता का एक अनिवार्य अंग था क्योकी वे जानते थे और आज भी जानते हैं की श्रिष्टी की नकारात्मक व अदृश्य शक्तियां किसी के शरीर को कब्जे मे लेने से पहले सिर को कब्जे मे लेने के लिए अपना आक्रमण सिर पे ही करती हैं.  इसिलिये अधिकतर संतो का चोला ओढ़ने वाले लोग और अधिकतर धार्मिक लोग सिर पे कोई चुनरी य़ा गमछा य़ा कोई चादर य़ा कोई टोपी आदि ढंके रहते हैं. हालांकी, वैदिक सभ्यता की बहुत ही न्यून मात्रा मे चीजे व तरीके बचे हुए हैं ज़िनमे से सिर ढंक कर रखने का अनिवार्य नियम इस्लाम रिलिजन वाले लोग कट्टरता से हिजाब नाम से अपनाये हुए हैं लेकिन ये लोग भी मोहम्मद द्वारा कहे गए बातों से अनजान होने के कारण सिर ढंकने के साथ-साथ चेहरा ढंकने को भी हिजाब का हिस्सा मानकर अपनी पहचान छुपाना चाहते हैं, लाशो को मजार व दरगाह व पीर के नाम से प्रेतो को पुजवाकर अपना...

तो संघ की सरकार 'टैक्स' के रूप में काट लेती है.....

 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपनी वेतन कटौती के बारे में जो बोला था उसका अर्थ ठीक से समझा जाना बाकी है....... यूपी दौरे में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी सैलरी के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि मुझे 5 लाख प्रति महीना तनख्वाह मिलती है जिसमें से पौने तीन लाख तक टैक्स चला जाता है। हमसे ज्यादा बचत तो एक टीचर की होती है। दरअसल संघ की परंपरा रही है कि वो अपने कुछ स्वंयसेवको को बीजेपी सरकार के सांसदों , मंत्रियों, ओर यहाँ तक कि संवैधानिक पदों पर बैठे या बिठवाए गए लोगो के साथ अपॉइंट कर देता है और उन स्वंयसेवकों को प्रतिमाह जो वेतन दिया जाता है वह उन पदों पर निर्वाचित मंत्रियों सांसदों के भत्ते में से ही दिया जाता है 2015 में इंडिया टूडे में आयी एक रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और उद्योगपति जय प्रकाश अग्रवाल द्वारा चलाई जा रही सूर्या फाउंडेशन में इन स्वंयसेवको को ट्रेनिंग दी जाती है और 2015 में ही यानी मोदी सरकार के आने के एक साल में ही फाउंडेशन के प्रशिक्षुओं में से आधा दर्जन से अधिक  स्वयं सेवक विभिन्न मंत्रियों के निजी स्टाफ में शामिल किये जा...

भगवान परशुराम

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  हमने महापुरुषों को जातियों और मज़हब और पंथों में बांध दिया हालांकि आज से कुछ बर्षों पहले ऐसा नहीं था... कोई भी महापुरुष अपने सद्कर्मों से सारी सृष्टि को संदेश देता है सभी के लिए अनुकरणीय पूजनीय  होता है.... ऐसे महापुरुषों में भारत भूमि पर जन्मे भगवान परशुराम रहे जिन्होंने केवल अत्याचारियों के विरूद्ध कमज़ोर व्यक्तियों को एकत्र करके विरोध करना सिखाया... आज उनका अवतरण दिवस है आईये हम सूक्ष्म में उनके बारे में जाने.....   💐भगवान परशुराम💐 भगवान विष्णु के छठे अवतार, सबसे बड़े शिवभक्त। भगवान परशुराम त्रेता युग (रामायण काल) में एक ब्राह्मण ऋषि के यहां जन्मे थे। जो भगवान विष्णु के छठा अवतार हैं। पौरोणिक वृत्तान्तों के अनुसार उनका जन्म महर्षि भृगु के पुत्र महर्षि जमदग्नि द्वारा सम्पन्न पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न देवराज इन्द्र के वरदान स्वरूप पत्नी रेणुका के गर्भ से वैशाख शुक्ल तृतीया को मध्यप्रदेश के इंदौर जिला में ग्राम मानपुर के जानापाव पर्वत में हुआ। वे भगवान विष्णु के आवेशावतार हैं। पितामह भृगु द्वारा सम्पन्न नामकरण संस्कार के अनन्तर राम कहलाए। वे जमदग्नि का पुत्र होने के का...

आई टी सेल द्वारा अचानक वर्तमान असली शंकराचार्य और शंकराचार्य परम्परा को क्यों गाली दिया जा रहा है?

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 प्रश्न:- आरएसएस भाजपा की आई टी सेल द्वारा अचानक वर्तमान असली शंकराचार्य और शंकराचार्य परम्परा को क्यों गाली दिया जा रहा है? आप लोगों को क्या लगता है कि संघ की शाखा में संस्कारित ये स्वयंसेवक लोग ऐसे ही अचानक से भावावेश में आकर हमारे सनातन धर्म के सर्वोच्च 80, 98 वर्ष के बुजुर्ग तपस्वी आचार्यों पर अभद्रता की सीमा लांघ रहे हैं और 2500 साल से चली आ रही हम सनातनियों की आचार्य परम्परा के ऊपर अभद्रता प्रकट कर रहे हैं? नही, बात यह है कि अब इनके झूठ का किला ढह रहा है। वर्णाश्रम विरोधी, अवैदिक संघियों की सीधी लड़ाई पूज्य शंकराचार्य परम्परा से आन पड़ी है। आज सच्चे सनातनी जाग रहे हैं इसलिए संघियों में बौखलाहट है। अभी इनलोगों ने सच्चे सनातनियों को देखा ही कहाँ है? अभीतक इनकी लड़ाई कांग्रेस आदि राजनैतिक दलों से थी इसलिए हिंदुत्व के आड़ में ये बचते रहे हैं पर अब लड़ाई सीधे असली सनातन धर्मियों से आन पड़ी है बाकी जितने मत सम्प्रदाय हैं वो या तो इन संघियों को समर्थन कर रहे हैं या तमाशा देख रहे हैं। अब टेक्नोलॉजी के युग मे आम जनता तक सही बातें पहुँचने लगी है और जनता जागरूक हो रही है। जनता इनके फर्जी समरस...

आखिर क्यों कुछ लोग सनातन वैदिक धर्म छोड़ कर ईसाई या मुसलमान बन जाते हैं?

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  ★★क्या धर्मत्याग (धर्मांतरण) के दोषी शंकराचार्य हैं?★★ ★★आखिर क्यों कुछ लोग सनातन वैदिक धर्म छोड़ कर ईसाई या मुसलमान बन जाते हैं?★★ यदि आप निष्पक्ष होकर सच्चाई जानना चाहते हैं तो कृपया पूरा लेख अवश्य पढ़ें और स्वयं निर्णय करें। संघ के स्वयंसेवक भी एक बार पढ़ ही लें तो अच्छा होगा। हा धीरे धीरे पढ़े और विचार करें अन्यथा समझ मे नही आएगा। आज धर्मांतरण को लेकर आरएसएस भाजपा के स्वयंसेवक कार्यकर्ता उनकी, आई टी सेल के लोग बड़ी चालाकी से अपने नेताओं के द्वारा किये जा रहे अधर्म, कुकर्म, जनता के साथ धोखे को छुपाने के लिए धर्मांतरण के लिए वर्तमान पूज्य शंकराचार्यों एवं उनकी परम्परा को दोषी ठहरा रहे हैं शंकराचार्यों को गाली दे और दिलवा रहे हैं।  हिंदुत्व के नाम पर चुनी सरकार हिन्दुओं के सबसे बड़े धर्माचार्यों के अपमान पर चुपचाप तमाशा देख रही है क्योंकि यह उनके एजेंडे के अनुसार ही हो रहा है। यह किसी से छुपा नही है हम सब सोशल मीडिया पर देख रहे हैं। अब बात आती है कि कोई हिन्दू अपना धर्म छोड़कर ईसाई या मुसलमान क्यों बन रहा है ? इसके दो कारण हैं। 1. भय  2. लालच अभी हाल में ही 1000 हिन्दुओं का स...

Acresia (अक्रेसिया) Philosophy of Inner Explore | Grow With Us.. Hars...

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TIME BLOCKING: How to Set Goals and Achieve Them Like Elon Musk | Hindi

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Cov Fabrication

Experts from around the world come forward to declare COVID-19 death and infection statistics fabricated. http://tiny.cc/d1ajnz US medical doctor and state senator explains that the US government has sent official documentation telling doctors and hospitals to lie about CV-19 death and infection numbers. http://tiny.cc/zrajnz and http://tiny.cc/yqajnz NY State admits adding thousands to CV-19 death counts with no testing. http://tiny.cc/wwajnz Medical doctor in Montana explains that CV-19 death and infection numbers are being faked by US government. http://tiny.cc/c9ajnz German virus expert declares social distance isn't based on science and that CV-19 can't be found anywhere on any surface he tested. http://tiny.cc/zbcjnz Medical doctor explains there's no way to test for CV-19 in the first place, so how is anyone confirming cases, even though most aren't confirming....they're just making them up. https://bit.ly/3eP2BbD State Health Department in Illinois declare...