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रोथ्स्चिल्ड घराने के देश भारत से सोना, विश्व को लम्बे समय तक गुलाम रखने के लिए हड़प रहे हैं.

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प्रश्न है कि: इल्लुमिनती के लोग पाताल में शैतान को सोना चढाते हैं, क्यों? उत्तर: मेरी अपनी जानकारी में ऐसा नहीं है, क्योंकि शैतान जैसा कुछ नहीं होता, लोगों की अपनी मनोव्रित्तियां ही किसी को शैतान या देव बना देतीं हैं.  इल्लुमिनती के लोग हमारे देश से सोना हड़प रहे हैं क्योंकि उन्हें लम्बे समय तक विश्वयुद्ध आदि जारी रखने के लिए पॉवर अर्थात विद्युत शक्ति की आवश्यकता होगी, जिसमे सोना सबसे उपयोगी धातु है. इसीलिए वे तरह तरह की भ्रष्ट अंतर्राष्ट्रीय संधियों में हमारे देश को निचोड़ कर सोना निकलवा ले जा रहे हैं, जिससे भविष्य में हम पूर्णतया गुलाम तो बने हीं, साथ साथ कभी उनसे मुकाबला करने लायक शक्ति भी हासिल न कर पाएं.  ........ शुद्ध सोना को द्रव रूप में ा उपयोग उच्च क्वालिटी के नाभिकीय रिएक्टर में किया जाता है, लेकिन हमारे यहाँ नहीं है. इसके स्थान पे हमारे यहाँ और अन्य कमजोर देशों में हेवी वाटर रिएक्टर बहुतायत में पाए जाते हैं. नाभिकीय रिएक्टर में नाभिकीय कूलैंट एवं मंदक के रूप में लिक्विड शुद्ध सोना use करने का अलग फायदा है, जो अभी मुझे याद भी नहीं है, हालाँकि मेरा ध्यान ...

वर्ल्डबैंक के आदेशानुसार बंगलादेशी नागरिकों को भारत में आधारकार्ड दिया जा रहा है, कारण व उपाय जो नागरिक स्वयं करेंगे

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 बांग्लादेशी नागरिको को केवल भारतीय आधार कार्ड के आधार पर बिना वीसा-पासपोर्ट के वर्ल्ड बैंक के दबाव के अंतर्गत उनके एक प्रोजेक्ट के एक हिस्से को पूरा करने के लिए एक योजना का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत सभी भारतीय एवं बंगलादेशी बिना वीसा के सीमा के पार आ जा सकेंगे. बांग्लादेश के अधिकारियों का कहना है कि भारत के सर्कार द्वारा बंगलादेशी नागरिकों को और उन सभी को जो अवैध तरीके से भारत के अन्दर रह रहे हैं, उन सभी को आधार कार्ड देने से भारत और बंगलादेश दोनों को आतंकवाद की समस्या से निजात मिलेगी जिसे दोनों देश १९४७ से सुलझा नहीं सके हैं.  मित्रों, वर्ल्ड बैंक द्वारा उठाये गए इस कदम से ही भारत में हिन्दुओं से जुड़े कोई भी मुद्दे साम्प्रदायिक घोषित किये जा रहे हैं, जिससे वर्ल्ड बैंक द्वारा समर्थित समुदायों जैसे की ईसाईयों एवं मूसल्वानो को यहाँ कोई भी हिन्दू-विरोधी गतिविधि को अंजाम देने में सहूलियत हो और इसी कारण से वैसे ही हिन्दुओं का अपना धार्मिक प्रतीक इत्यादि नष्ट भ्रष्ट किया जा सके एवं हिन्दुओं के कर्मकांड को अवैज्ञानिक घोषित किया जा सके(जैसे कि वैज्ञानिको ने संसार के सभी सिद्धांत...

भारत को जेरुसलम के लिए US रेजोल्यूशन के विरोध के साथ साथ सैन्य मामले में आत्मनिर्भरता जरूरी है

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 अमेरिका आज जेरुसलेम पर अपना प्रस्ताव ला रहा है कल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर भी अपना रेजोल्यूशन ला सकता है। वैसे भी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पहले से ही कोल्ड वॉर के एक समझौते CENTO और SEATO treaties (1955-1956) के अंतर्गत अमेरिका ने अपनी सेना 1956 से ही वहां रखी हुई है. अतः जेरुसलम पर अमेरिका के प्रस्ताव का प्रतिकार अत्यावश्यक था. मोसाद का भारत में जबर्दस्त पैठ है जो देश के लिए खतरनाक है . अगर अमेरिका का अगला राष्ट्रपति पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को पाकिस्तान का अभिन्न अंग घोषित करने वाला रिसोल्यूशन ले आए तो क्या भारत उस पर भी पॉजिटिव वोट करे? दूसरे देश भी फटे में सर दें?  अतः भारत को इसका विरोध  करना ही था.                            गाजा पट्टी और येरुसलम पलिस्तिनियों का शुरू से है. इस्राएल ने जबरन उन क्षेत्रों को पलिस्तिनियों से हडपा है. कल ये POK में भी यही रेजोल्यूशन ला सकता था. इजराइल का निर्माण ही मुस्लिम प्रधान क्षेत्र को हड़पने से हुआ है जिसे अमीर यहूदियों ने अपनी सहूलियत के ...