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10 बातें जो दुनिया को भारत से सीखनी चाहिए

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Blocking sunlight to cool Earth will NOT save humanity !

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https://dailym.ai/2Rhju5O Blocking sunlight to cool Earth will NOT save humanity: Particles injected into the atmosphere may fix global warming but they could also kill off our crops by starving them of UV light Particles injected into the atmosphere cannot stop damage to crops worldwide The technique may save crops from heat damage but would cut off their sunlight Scientists came to the conclusion after analysing effects of volcanic eruptions  By  PHOEBE WESTON FOR MAILONLINE   PUBLISHED:  18:00 GMT, 8 August 2018  |  UPDATED:  19:03 GMT, 8 August 2018 Blocking sunlight to cool the Earth will not save humanity's farmland from  climate change , according to a new study that dismisses a leading global warming prevention theory. Researchers had speculated that injecting particles into the atmosphere would lower rising global temperatures enough to stop crops from dying out. But scientists analysing the past effects of ...

THE WORLD'S BIGGEST KILLERS IN ACTION ON A GRANDER SCALE !!

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THE WORLD'S BIGGEST KILLERS IN ACTION ON A GRANDER SCALE !! Among the many potential problems with exposure to 5G radio waves are issues with the skin, which is interesting when you consider that this technology is already being used in the military for crowd control purposes. 5G Network Uses Same EMF Waves As Pentagon Crowd Control System. . This kind of technology, which is in many of our homes, actually interacts with human skin and eyes. The shocking finding was made public via Israeli research studies that were presented at an international conference on the subject last year. Below you can find a lecture from Dr. Ben-Ishai of the Department of Physics at Hebrew University. He goes through how human sweat ducts act like a number of helical antennas when exposed to these wavelengths that are put out by the devices that employ 5G technology. https://bit.ly/2PXZhgH . The U.S. military developed a non-lethal crowd control weapon system called the Activ...

Tribute to Netaji

https://www.youtube.com/watch?v=L0jvkUSLNaM&feature=share&fbclid=IwAR1fQjR4E4CI1iqiDOrkXXNTEOr9jHf9Z9lnH3BzK7AAp2YByxldIHAqAqc

वेनेजुअला में राईट टू रिकॉल राष्ट्रपति होने के बाद भी वह अमेरिका जैसा कम भ्रष्ट क्यों नहीं बन सका ?

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वेनेजुअला में राईट टू रिकॉल राष्ट्रपति होने के बाद भी वह अमेरिका जैसा कम भ्रष्ट क्यों नहीं बन सका ? With due permission of Hindi Translation https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1819228784862016 of Original post https://www.facebook.com/mehtarahulc/posts/10155575203631922 (1) राईट टू रिकॉल राष्ट्रपति प्रक्रिया पॉजिटिव रिकॉल की बजाय नेगेटिव रिकॉल का उपयोग करती हैं | इसलिए अधिकांश वोटर्स रिकॉल के लिए मुहीम नहीं चलते क्योंकि वे डरते हैं “यदि नया व्यक्ति इससे भी ज्यादा भ्रष्ट निकला तो क्या ”? राईट टू रिकॉल पार्टी द्वारा प्रस्तावित प्रक्रिया में पॉजिटिव रिकॉल है अर्थात एक वोटर अधिकतम 5 प्रत्याशियों को अनुमोदित कर सकता है और पदासीन प्रधानमंत्री को भी अनुमोदित कर सकता है | बाद में, अनुमोदनों को अंको के अनुमोदन के रूप में बदला जा सकता है यानि वोटर या तो स्वीकृत कर सकता है या अवहेलना कर सकता है या प्रत्याशियों को -100 से 100 के बीच के अंक दे सकता है (अवहेलना = शून्य अंक ) | . 2) वेनेजुअला में रिकॉल प्रक्रिया और भी कमजोर होने का कारण है – ये शर्त कि कम से कम 190,000 हस्ताक्षर पह...

समलैंगिकता पर न्याय व्यवस्था का बंध्याकरण व समाधान

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जज समुदाय का मानना है कि - यौन एक प्राकृतिक आकर्षण है, दो वयस्क आपसी सहमति से यौन संबंध बना सकते हैं, नैतिकता की आड़ में किसी का अधिकार नहीं छीन सकते, व्यक्ति के पसंद की अनदेखी नहीं कर सकते, सबको यह स्वतंत्रता है कि उसे क्या चुनना है। समलैंगिक संबंध अपराध अब नहीं हैं, सरकार को किसी की जिंदगी में दखल का हक नहीं है। ऐसी ही कुछ मानसिकता का परिचय पांच न्यायाधीशों की खंड पीठ ने धारा 377 पर दिये हैं।  अब इन माननीय न्यायाधीशों से प्रश्न है कि :- १) यौन आकर्षण प्राकृतिक है तो समय सीमा क्यो नाबालिगों को भी स्वाभाविक इच्छा होती होगी? क्या उनके अधिकारों का हनन नहीं? २) स्वाभाविक यौन आकर्षण में समय की सीमा रखकर आखिर कौन से चरित्र का आप पाठ पढ़ा लेंगे?   आखिर बालिग होने पर उनको सब कुछ करने की स्वतंत्रता मिल ही जाएगी. ३) यौन आकर्षण प्राकृतिक है तो शम, दम आत्म संयम क्या पशुओं के लिये पारिभाषित है ? ४) क्या संयम के मार्ग पे चलने वाले लोग पशु माने जायेंगे?  ५) दो वयस्क आपसी सहमति से सम्बन्ध बना सकते है वे कौन दो वयस्क एक माता के जने हुये सगे भाई आपस में? सगे बहिनें आपस में? या फिर ...

क्या सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य व चाणक्य की हत्या में चन्द्रगुप्त मौर्य की ग्रीस(यूनान) वाली पत्नी का हाथ था? पढ़ें-

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आज के भ्रमित सूचना वाले युग में सत्य वो बिलकुल नहीं जो हमको बताया जाता है,जिस पर जोर देकर अपनी बात मनवाया जाता है.  हमें ये जोर देकर प्रचार प्रसार से मनवाया जाता है कि सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य व हेलेना के मध्य कोई प्रेम कहानी था, सच तो ये है कि जब चन्द्रगुप्त मौर्य ने भूतकाल के यूनान अर्थात आज के ग्रीस को हरा दिया था तब वहां के राजा ने अपनी बेटी हेलेना को चन्द्रगुप्त से विवाह करवाने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसे चन्द्रगुप्त मौर्य के गुरु चाणक्य ने ना-नुकुर के बाद इस शर्त से स्वीकार की थी कि इन दोनों की कोई संतान राज काज में हस्तक्षेप नहीं करेगी. जबकि हुआ इसका उल्टा. इन दोनों की संतान ही चन्द्रगुप्त मौर्य व चाणक्य की ह्त्या का कारण बनी, क्योंकि ग्रीस के राजा ने अपनी बेटी चन्द्रगुप्त मौर्य को कोई योजना के अंतर्गत ही दी होगी, कोई शत्रु राजा हार जाने पे अपने शत्रु राजा से बदला लेने के लिए ऐसी अनेकों चालें चलता है जिससे कि निकट भविष्य में बदला लेना संभव हो.  हालाँकि, चंदगुप्त मौर्य के पहले के काल के राजा कभी भी ग्रीस अर्थात यूनान की लड़कियों के साथ वैवाहिक सम्बन्ध नहीं र...

akhand bharart aur hinduo ke liye us ki maujuda waqt mein prasaangikta ...

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देवदासी प्रथा

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कुछ प्रथाओं को लेकर जनमानस के मन मे ऐसा मतिभ्रम उत्पन्न कर दिया गया है कि, विधर्मियो के सवाल पे वो जानकारी न होने पे चुप्पी साध जाते है,और हि ंदुत्व को लेकर उनके मन मे एक कुंठा व्यापत हो जाती है ऐसी ही एक प्रथा है , -----देवदासी प्रथा ----- # माना  जाता है कि ये प्रथा छठी सदी में शुरू हुई थी। इस प्रथा के तहत कुंवारी लड़कियों को धर्म के नाम पर ईश्वर के साथ ब्याह कराकर मंदिरों को दान कर दिया जाता था। माता-पिता अपनी बेटी का विवाह देवता या मंदिर के साथ कर देते थे। परिवारों द्वारा कोई मुराद पूरी होने के बाद ऐसा किया जाता था। देवता से ब्याही इन महिलाओं को ही देवदासी कहा जाता है। उन्हें जीवनभर इसी तरह रहना पड़ता था। मत्स्य पुराण, विष्णु पुराण तथा कौटिल्य के अर्थशास्त्र में भी देवदासी का उल्लेख मिलता है। देवदासी यानी 'सर्वेंट ऑफ़ गॉड'। देवदासियां मंदिरों की देख-रेख, पूजा-पाठ की तैयारी, मंदिरों में नृत्य आदि के लिए थीं। कालिदास के 'मेघदूतम्' में मंदिरों में नृत्य करने वाली आजीवन कुंवारी कन्याओं की चर्चा की है। संभवत: इन्हें देवदासियां ही माना जाता है। # देवदासी_प्रथा_का...